गजेंद्र मोक्ष स्तोत्रम् हिंदी अर्थ सहित: संपूर्ण पाठ, कथा, महत्व और पाठ विधि | Gajendra Moksha Stotram
गजेंद्र मोक्ष स्तोत्रम् हिंदी अर्थ सहित: संपूर्ण पाठ, कथा, महत्व और पाठ विधि श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित गजेंद्र मोक्ष स्तोत्रम् का संपूर्ण संस्कृत पाठ गजेंद्र मोक्ष स्तोत्रम् भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और मोक्षदायक स्तोत्र है। यह स्तोत्र श्रीमद्भागवत पुराण (स्कंध 8, अध्याय 3) में वर्णित उस दिव्य प्रसंग से जुड़ा है, जब भगवान विष्णु ने अपने भक्त गजेंद्र को मगरमच्छ के बंधन से मुक्त कर मोक्ष प्रदान किया। Gajendra Moksha Stotram का पाठ करने से जीवन के भय, संकट और कर्मबंधन समाप्त होते हैं। 📖 गजेंद्र मोक्ष की कथा (Gajendra Moksha Katha) पुराणों के अनुसार गजेंद्र नामक एक विशाल और धर्मात्मा हाथी अपने परिवार सहित एक सरोवर में स्नान कर रहा था। तभी अचानक एक बलवान मगरमच्छ ने उसका पैर पकड़ लिया। वर्षों तक संघर्ष करने के बाद भी गजेंद्र स्वयं को छुड़ा नहीं पाया। जब सारी शक्ति समाप्त हो गई, तब उसने भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए अपनी सूंड से कमल पुष्प उठाकर श्रीहरि की स्तुति की। भक्त की करुण पुकार सुनते ही भगवान विष्णु गरुड़ पर सवार होकर प्रकट हुए और अपन...