ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः मंत्र – अर्थ, लाभ और जप विधि | Giriraj Govardhan Mantra Benefits & Jaap Vidhi

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              श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः मंत्र 




🕉️ ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः मंत्र – अर्थ, लाभ और जप विधि

📿 1. परिचय: गिरिराज गोवर्धन मंत्र क्या है?

ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः” एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली मंत्र है जो गिरिराज गोवर्धन — भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप को समर्पित है।
श्रीमद्भागवत में वर्णित है कि श्रीकृष्ण ने अपने उल्टे हाथ की कनिष्ठा उंगली से गिरिराज पर्वत उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की थी।
यह मंत्र उसी दिव्यता का स्मरण कराता है और भक्त को सुरक्षा, शांति और कृपा प्रदान करता है।


📖 2. मंत्र (Mantra)

ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः ॥
Om Shri Giriraj Govardhanaya Namah


🌿 3. मंत्र का अर्थ (Meaning of the Mantra)

  • – परमात्मा की अनंत शक्ति का आह्वान।

  • श्री गिरिराज गोवर्धनाय – श्री गिरिराज गोवर्धन (भगवान कृष्ण के स्वरूप) को नमन।

  • नमः – मैं नमस्कार करता हूँ / समर्पित हूँ।

👉 इसका भावार्थ है — “हे श्री गिरिराज गोवर्धन जी, मैं आपको नमस्कार करता हूँ और आपकी शरण में आता हूँ।”


✨ 4. गिरिराज गोवर्धन मंत्र के लाभ (Benefits)

  • 🕉️ मानसिक शांति और आत्मबल की वृद्धि

  • 🛡️ नकारात्मक ऊर्जा और भय से रक्षा

  • 🪔 भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्ति

  • 📿 आध्यात्मिक प्रगति और भक्ति में स्थिरता

  • 🌿 जीवन में सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति


🕰️ 5. मंत्र जप का सही समय (Best Time to Chant)

  • प्रातःकाल (सूर्योदय के समय) 🌅

  • संध्या के समय 🪔

  • विशेष अवसर: एकादशी, पूर्णिमा, गोवर्धन पूजा या जन्माष्टमी


📿 6. मंत्र जप विधि (Step-by-Step Jaap Vidhi)

  1. 🪔 शांत और स्वच्छ स्थान पर बैठें।

  2. 🌿 श्री गिरिराज जी की तस्वीर या शिला के सामने दीपक जलाएं।

  3. 📿 तुलसी या रुद्राक्ष की माला लें।

  4. 🙏 संकल्प लें — “मैं श्रद्धा से 108 बार जप करूंगा।”

  5. 🕉️ हर माला के दाने पर जपें:

    “ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः”

  6. 🌺 अंत में गिरिराज जी को प्रणाम करें और थोड़ा ध्यान करें।

  7. 🍃 तुलसी पत्र या गुड़ अर्पित करें।


📌 7. विशेष सुझाव (Tips for Best Results)

  • जप के समय मन को एकाग्र रखें।

  • मोबाइल या किसी व्यवधान से दूर रहें।

  • हर दिन निश्चित समय पर जप करने से प्रभाव बढ़ता है।

  • गोवर्धन पर्वत का चित्र या मूर्ति सामने रखें तो और शुभ होता है।


🙏 निष्कर्ष (Conclusion)

“ॐ श्री गिरिराज गोवर्धनाय नमः” केवल एक मंत्र नहीं बल्कि भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य स्वरूप से जुड़ने का सरल माध्यम है। रोज़ 108 बार जप करने से न केवल मन को शांति मिलती है बल्कि जीवन में सकारात्मकता और दिव्यता का संचार होता है।

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