🕉️ ॐ श्री विष्णवे नमः 1008 जाप: लाभ, विधि और सही समय
![]() |
| Om Shri Vishnave Namah 1008 Jaap |
सनातन धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि का पालनकर्ता माना गया है। जब जीवन में अस्थिरता, भय, मानसिक तनाव या मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, तब ॐ श्री विष्णवे नमः मंत्र का जाप अत्यंत फलदायी माना जाता है।
विशेष रूप से ॐ श्री विष्णवे नमः 1008 जाप करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं।
🔔 ॐ श्री विष्णवे नमः मंत्र का अर्थ
ॐ – ब्रह्मांड की मूल ध्वनि
श्री – लक्ष्मी तत्व, समृद्धि
विष्णवे – भगवान विष्णु
नमः – समर्पण भाव
👉 अर्थात:
“मैं भगवान विष्णु को नमन करता हूँ, जो सृष्टि का पालन करते हैं।”
🌼 ॐ श्री विष्णवे नमः 1008 जाप के प्रमुख फायदे
✅ 1. मानसिक शांति और स्थिरता
1008 जाप करने से मन शांत होता है और नकारात्मक विचार दूर होते हैं।
✅ 2. धन, वैभव और समृद्धि
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की संयुक्त कृपा प्राप्त होती है।
✅ 3. भय और संकट से रक्षा
यह मंत्र घर-परिवार को नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षित रखता है।
✅ 4. कर्म दोष और ग्रह बाधा में राहत
नियमित जाप से कर्म शुद्ध होते हैं और भाग्य मजबूत होता है।
✅ 5. भक्ति और आत्मिक उन्नति
1008 जाप से साधक का ध्यान गहराता है और ईश्वर से जुड़ाव बढ़ता है।
🎧 🔱 यहाँ 1008 जाप सुनें / घर में चलाएँ
👉 नीचे दिए गए 1008 जाप को शांत मन से सुनें या घर में धीरे-धीरे चलाएँ।
👉 प्रातः या संध्या समय यह जाप वातावरण को पवित्र कर देता है।
🪔 ॐ श्री विष्णवे नमः 1008 जाप कैसे करें? (विधि)
-
प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें
-
भगवान विष्णु की तस्वीर या मूर्ति के सामने बैठें
-
तुलसी की माला का प्रयोग करें
-
दीपक और अगरबत्ती जलाएँ
-
शांत स्वर में या मानसिक रूप से 1008 जाप करें
👉 यदि समय कम हो, तो 108 जाप प्रतिदिन भी लाभकारी होते हैं।
⏰ जाप करने का सही समय
-
🌅 ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 4–6 बजे) – सर्वश्रेष्ठ
-
🌆 संध्या काल – मन की शांति के लिए
-
📅 गुरुवार और एकादशी – विशेष फलदायी
🧘♂️ कौन कर सकता है यह जाप?
-
स्त्री या पुरुष
-
गृहस्थ, विद्यार्थी, व्यापारी
-
कोई भी जाति या आयु
👉 इस मंत्र में कोई प्रतिबंध नहीं है।
📌 निष्कर्ष
ॐ श्री विष्णवे नमः 1008 जाप केवल एक मंत्र नहीं, बल्कि
👉 जीवन को संतुलित करने का दिव्य साधन है।
यदि आप शांति, समृद्धि और ईश्वर कृपा चाहते हैं, तो इस मंत्र को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए।
🙏 ॐ नमो नारायणाय 🙏



0 Comments