आदि शंकराचार्य कौन थे? चार पीठों की स्थापना, अद्वैत वेदांत और शंकराचार्य परंपरा का पूर्ण इतिहास
आदि शंकराचार्य: सनातन धर्म का पुनर्जागरण और चार पीठों की स्थापना आदि शंकराचार्य कौन थे 🪔 भूमिका (Introduction) भारतीय सनातन संस्कृति में यदि किसी एक व्यक्ति ने धर्म, दर्शन और अध्यात्म को एक सूत्र में पिरोया, तो वे थे जगद्गुरु आदि शंकराचार्य । आज से लगभग 1200 वर्ष पहले, जब भारत धार्मिक भ्रम, मतभेद और बौद्धिक संघर्षों से जूझ रहा था, तब आदि शंकराचार्य ने वेदांत दर्शन के माध्यम से सनातन धर्म को नई चेतना दी। यह ब्लॉग आदि शंकराचार्य के जीवन, दर्शन, चार पीठों, शंकराचार्य परंपरा और चयन प्रक्रिया को पूरी गहराई से समझाने के लिए लिखा गया है। 🔱 आदि शंकराचार्य कौन थे? आदि शंकराचार्य एक महान दार्शनिक, संन्यासी, आचार्य और समाज सुधारक थे। उनका जन्म लगभग 788 ईस्वी में केरल राज्य के कालड़ी ग्राम में हुआ। माता-पिता: माता: आर्यम्बा पिता: शिवगुरु बाल्यकाल से ही शंकराचार्य में असाधारण बुद्धि दिखाई देती थी। कहा जाता है कि उन्होंने 8 वर्ष की आयु में ही संन्यास ग्रहण कर लिया था। 🌸 बाल्यकाल और संन्यास जीवन शंकराचार्य का जीवन सामान्य बालकों जैसा नहीं था। कम उम्र में ही उन्होंने: वेदों का अध...