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मां के 9 दिन का नैवेद्यम: नवरात्रि में किस दिन देवी को क्या भोग लगाएं?

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 मां के 9 दिन का नैवेद्यम: नवरात्रि में किस दिन देवी को क्या भोग लगाएं? नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण पर्वों में से एक है। इन नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार नैवेद्यम यानी भोग अर्पित करते हैं। माना जाता है कि देवी-पूजन में केवल बड़े-बड़े पकवानों का महत्व नहीं है, बल्कि भक्ति, शुद्धता और श्रद्धा सबसे महत्वपूर्ण होती है। घर में उपलब्ध सात्त्विक सामग्री से बनाया गया साधारण भोजन भी यदि श्रद्धा से मां को अर्पित किया जाए तो वह नैवेद्यम बन जाता है। नवरात्रि के दौरान बहुत से भक्त यह जानना चाहते हैं कि मां के 9 दिन कौन सा भोग लगाना चाहिए, नवरात्रि में किस दिन कौन सा नैवेद्यम चढ़ाया जाता है और नौ देवियों को कौन-कौन से प्रसाद प्रिय माने जाते हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि नवरात्रि के 9 दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों को कौन सा नैवेद्यम अर्पित किया जा सकता है, भोग लगाने की सरल विधि क्या है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। महत्वपूर्ण: अलग-अलग क्षेत्रों, परंपराओं और परिवारों में देवी को अर्पित किए जाने वाले भोग अलग हो ...

ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग: इतिहास, महिमा, दर्शन, पूजा विधि और यात्रा की पूरी जानकारी

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  ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की महिमा, इतिहास, दर्शन और यात्रा की संपूर्ण जानकारी भारत की पवित्र धरती पर भगवान शिव को समर्पित अनेक तीर्थस्थल हैं, लेकिन ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग का स्थान विशेष माना जाता है। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में नर्मदा नदी के तट पर स्थित ओंकारेश्वर केवल एक प्रसिद्ध शिव मंदिर ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, पुरातत्व, प्राकृतिक सौंदर्य और नर्मदा की पवित्रता का अद्भुत संगम है। मान्यता और धार्मिक परंपरा के अनुसार ओंकारेश्वर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यहां स्थित पवित्र क्षेत्र का संबंध 'ॐ' के स्वरूप से जोड़ा जाता है। नर्मदा नदी के बीच स्थित मंडहाता या ओंकार पर्वत का स्वरूप 'ॐ' जैसा दिखाई देने के कारण इस स्थान की धार्मिक महत्ता और भी बढ़ जाती है। ओंकारेश्वर की यात्रा करने वाला श्रद्धालु केवल एक मंदिर में दर्शन नहीं करता, बल्कि नर्मदा तट, प्राचीन मंदिरों, शिव उपासना की परंपरा, ओंकार पर्वत और आसपास के अनेक आध्यात्मिक स्थलों का अनुभव भी करता है। मध्य प्रदेश पर्यटन के अनुसार ओंकारेश्वर नर्मदा और कावेरी के संगम क्षेत्र में स्थित एक प्रमु...