चातुर्मास - क्यों हैं ये चार महीने विशेष? जानिए महत्व और नियम
चातुर्मास क्या है? जानिए इसकी महत्ता, नियम और धार्मिक महत्व चातुर्मास - क्यों हैं ये चार महीने विशेष? जानिए महत्व और नियम परिचय चातुर्मास हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र काल है, जो चार महीने की अवधि को दर्शाता है। इस दौरान भगवान विष्णु स्वयं योग निद्रा (गहन निद्रा) में चले जाते हैं। यह अवधि धार्मिक दृष्टि से बहुत शुभ मानी जाती है, क्योंकि यह आत्मशुद्धि, भक्ति और तपस्या का समय होता है। इस लेख में हम चातुर्मास का मतलब, इसकी शुरुआत कब होती है, क्यों इसे इतना महत्वपूर्ण माना जाता है, और इस दौरान पालन किए जाने वाले नियमों के बारे में विस्तार से जानेंगे। चातुर्मास का अर्थ और इतिहास शब्द “चातुर्मास” संस्कृत के दो शब्दों से मिलकर बना है — “चातुर्म” अर्थात चार, और “मास” अर्थात महीने। इसका मतलब है — चार महीने। यह चार महीने मानसून के मौसम के दौरान आते हैं और हिंदू धर्म के अनुसार भगवान विष्णु इस दौरान शयन (योग निद्रा) करते हैं। इस समय धार्मिक अनुशासन और साधना का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्रा में चले जाते हैं और इस अवधि ...