ईशान कोण का वास्तु में महत्व – घर में सुख-समृद्धि का मार्ग
ईशान कोण का वास्तु में महत्व – घर में सुख, शांति और समृद्धि का द्वार वास्तु शास्त्र में ईशान कोण (उत्तर-पूर्व दिशा) को घर का सबसे महत्वपूर्ण और ऊर्जावान स्थान माना गया है। यह वह दिशा है जहाँ भगवान शिव और भगवान विष्णु का निवास माना जाता है। इसलिए यह दिशा पवित्रता, आध्यात्मिकता, बुद्धि, शांति और ज्ञान का प्रतीक मानी जाती है। जिस घर का ईशान कोण साफ-सुथरा, हल्का और वास्तु-अनुकूल होता है, वहाँ धन, स्वास्थ्य, सौभाग्य, शांति और सकारात्मक ऊर्जा निरंतर बनी रहती है। ईशान कोण क्या होता है? घर के नक्शे में उत्तर दिशा और पूर्व दिशा के मिलन बिंदु को ही ईशान कोण कहा जाता है। यह दिशा प्राकृतिक ऊर्जाओं का पहला प्रवेशद्वार मानी जाती है, क्योंकि: यहां सूर्य की पहली किरण पड़ती है ब्रह्मांडीय और आध्यात्मिक ऊर्जा इसी दिशा से प्रवेश करती है यह दिशा जल तत्त्व का प्रतिनिधित्व करती है इसीलिए वास्तु में इसे घर का हृदय कहा गया है। ईशान कोण के लाभ (Benefits of Ishan Kon) 1. धन की वृद्धि और आर्थिक स्थिरता ईशान कोण सही होने पर घर में धन का प्रवाह बढ़ता है तथा आर्थिक संकट कम होते हैं। 2. सकारात्मक ऊर...