नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखें और क्या न रखें? जानिए जरूरी नियम
नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखें और क्या न रखें? मां दुर्गा की पूजा के लिए पूरी जानकारी
नवरात्रि हिंदू धर्म के प्रमुख और पवित्र पर्वों में से एक है। इन नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग अपने घर के मंदिर में विशेष पूजा करते हैं, कलश स्थापित करते हैं, अखंड ज्योत जलाते हैं और मां भगवती का ध्यान एवं मंत्र जाप करते हैं।
लेकिन अक्सर लोगों के मन में एक सवाल रहता है कि नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखना चाहिए और क्या नहीं रखना चाहिए?
क्या घर के मंदिर में कलश रखना जरूरी है?
क्या अखंड ज्योत रख सकते हैं?
क्या नारियल को नवरात्रि के बाद भी रखा जा सकता है?
क्या देवी-देवताओं की नई तस्वीर रखनी चाहिए?
क्या खंडित मूर्ति या टूटी हुई पूजा सामग्री मंदिर में रख सकते हैं?
नवरात्रि में घर के मंदिर की सफाई कैसे करनी चाहिए?
इन सभी सवालों के जवाब इस लेख में विस्तार से जानेंगे।
नोट: पूजा-पद्धति, देवी-देवताओं की स्थापना और कुछ नियम अलग-अलग परिवारों, परंपराओं और संप्रदायों में अलग हो सकते हैं। इसलिए जहां आवश्यक हो, अपनी पारिवारिक परंपरा और स्थानीय विद्वान की सलाह को प्राथमिकता दें।
नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?
साल 2026 में शारदीय नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर 2026, रविवार को है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी मनाई जाएगी।
नवरात्रि के पहले दिन घर में कलश स्थापना और देवी आराधना की जाती है। कलश स्थापना को नवरात्रि की पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखें?
अगर आप नवरात्रि के दौरान घर के मंदिर में विशेष पूजा करना चाहते हैं तो सबसे पहले मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद अपनी श्रद्धा, स्थान और पूजा की परंपरा के अनुसार आवश्यक सामग्री रख सकते हैं।
1. मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
नवरात्रि में घर के मंदिर में मां दुर्गा की साफ-सुथरी और अखंड तस्वीर या प्रतिमा रखी जा सकती है।
यदि पहले से आपके मंदिर में मां दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति है तो केवल नवरात्रि के लिए नई मूर्ति खरीदना आवश्यक नहीं है।
मां दुर्गा की प्रतिमा को साफ कपड़े से साफ करें और पूजा स्थान को व्यवस्थित रखें।
ध्यान रखें: टूटी या खंडित मूर्ति को सामान्य पूजा में स्थापित करने से बचना चाहिए।
2. कलश स्थापना करें
नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व माना जाता है। पारंपरिक घटस्थापना में मिट्टी का पात्र, मिट्टी, सप्तधान्य या सात प्रकार के अनाज के बीज, जल, मौली, सुपारी, सिक्का, अक्षत, पत्ते और नारियल जैसी सामग्री का प्रयोग किया जाता है।
कलश स्थापना के लिए सामान्य रूप से आप रख सकते हैं:
- कलश
- स्वच्छ जल
- गंगाजल
- अक्षत
- सुपारी
- सिक्का
- मौली
- पत्ते
- नारियल
- लाल वस्त्र
- फूल
- मिट्टी
- जौ या सप्तधान्य
कलश के नीचे मिट्टी के पात्र में जौ बोने की परंपरा भी कई स्थानों पर प्रचलित है।
कलश में क्या डालें?
परंपरागत विधि में कलश के अंदर जल के साथ अक्षत, सुपारी, सुगंध, दूर्वा और सिक्का आदि रखने का उल्लेख मिलता है। कलश के ऊपर पत्ते और नारियल रखा जाता है।
3. नारियल रखें
कलश स्थापना के दौरान नारियल का विशेष महत्व माना जाता है।
नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर मौली से बांधकर कलश के ऊपर रखा जाता है। यह नवरात्रि की पारंपरिक कलश स्थापना का हिस्सा है।
नारियल रखते समय ध्यान रखें कि वह सड़ा हुआ, टूटा हुआ या खराब न हो।
4. अखंड ज्योत रख सकते हैं
नवरात्रि में कई परिवार अखंड ज्योत जलाते हैं। इसका उद्देश्य नौ दिनों तक निरंतर देवी आराधना और भक्ति का संकल्प लेना होता है।
अखंड ज्योत रखने से पहले यह सुनिश्चित करें कि:
- दीपक सुरक्षित स्थान पर हो।
- आसपास कपड़ा, पर्दा या अन्य ज्वलनशील वस्तु न हो।
- बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दूर हो।
- दीपक गिरने की संभावना न हो।
- पर्याप्त तेल या घी की व्यवस्था हो।
अखंड ज्योत की परंपरा में ज्योति को देवी की उपस्थिति का प्रतीक माना जाता है।
महत्वपूर्ण: अखंड ज्योत को धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ अग्नि-सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी बहुत सावधानी से रखें।
5. लाल वस्त्र रखें
मां दुर्गा की पूजा में लाल रंग के वस्त्र, चुनरी या कपड़े का प्रयोग कई परंपराओं में किया जाता है।
आप देवी को लाल चुनरी अर्पित कर सकते हैं।
लाल वस्त्र साफ और नए हों तो बेहतर है। हालांकि पूजा में श्रद्धा और स्वच्छता सबसे महत्वपूर्ण है।
6. मौली या कलावा रखें
नवरात्रि की पूजा सामग्री में मौली या कलावा भी रखा जा सकता है।
इसे पूजा के दौरान देवी को अर्पित करने या धार्मिक परंपरा के अनुसार उपयोग करने की व्यवस्था की जा सकती है।
7. अक्षत रखें
अक्षत अर्थात साबुत चावल पूजा में महत्वपूर्ण सामग्री माने जाते हैं।
नवरात्रि पूजा में साफ और साबुत चावल रखें।
अक्षत टूटे हुए चावल की बजाय साबुत चावल से तैयार किए जाते हैं।
8. फूल और माला रखें
मां दुर्गा की पूजा में ताजे फूल और माला अर्पित की जा सकती है।
विशेष रूप से पूजा के लिए:
- ताजे फूल
- पुष्पमाला
- लाल फूल
- गेंदे के फूल
आदि का उपयोग अपनी परंपरा के अनुसार किया जा सकता है।
फूल बासी या सड़े हुए नहीं होने चाहिए।
9. धूप और दीपक रखें
नवरात्रि में घर के मंदिर में धूप, दीपक और पूजा सामग्री व्यवस्थित तरीके से रखी जा सकती है।
धूप जलाते समय कमरे में पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
यदि घर में छोटे बच्चे, बुजुर्ग या सांस संबंधी संवेदनशीलता वाले लोग हों तो धुएं का विशेष ध्यान रखें।
10. फल और प्रसाद रखें
नवरात्रि में मां दुर्गा को फल, मिठाई और अन्य सात्विक प्रसाद अर्पित किया जा सकता है।
प्रसाद हमेशा साफ बर्तन में रखें और लंबे समय तक मंदिर में रखा हुआ खराब भोजन न छोड़ें।
11. देवी मंत्र की पुस्तक रखें
यदि आप नवरात्रि में मंत्र जाप या पाठ करते हैं तो मंदिर में:
- दुर्गा सप्तशती
- देवी मंत्र
- दुर्गा चालीसा
- आरती की पुस्तक
- देवी कवच
जैसी धार्मिक पुस्तकों को साफ और सम्मानजनक स्थान पर रख सकते हैं।
यदि कोई विशेष पाठ कर रहे हैं तो उसकी विधि और नियम को समझकर ही करें।
12. जौ रखें या बोएं
नवरात्रि में जौ बोने की परंपरा कई क्षेत्रों में प्रचलित है।
घटस्थापना के दौरान मिट्टी के पात्र में बीज बोए जाते हैं और नवरात्रि के दौरान उनके बढ़ने को शुभ प्रतीक के रूप में देखा जाता है। घटस्थापना की पारंपरिक विधि में सप्तधान्य/बीज और मिट्टी का प्रयोग बताया गया है।
नवरात्रि के अंत में उगे हुए जौ को सम्मानपूर्वक पूजा के बाद उपयोग करने की परंपरा कई स्थानों पर है।
नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या नहीं रखना चाहिए?
अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल आता है—नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या नहीं रखना चाहिए?
1. खंडित मूर्ति न रखें
पूजा स्थान पर टूटी हुई या खंडित मूर्ति रखने से बचना चाहिए।
यदि मूर्ति टूट गई है तो उसे सामान्य पूजा की मूर्ति की तरह स्थापित करके पूजा करते रहना उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में अपनी पारिवारिक परंपरा या किसी योग्य विद्वान से उचित विधि पूछें।
2. फटी हुई या गंदी तस्वीर न रखें
मां दुर्गा या किसी देवी-देवता की तस्वीर फटी हुई, बहुत खराब या असम्मानजनक स्थिति में हो तो उसे पूजा स्थान में न रखें।
मंदिर में रखी तस्वीरों को समय-समय पर साफ करते रहें।
3. बासी फूल न रखें
नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन फूल बदलना और पूजा स्थान की सफाई करना अच्छी आदत है।
सूखे, सड़े या बासी फूलों को मंदिर में लंबे समय तक न रखें।
4. खराब या सड़ा हुआ प्रसाद न रखें
मंदिर में चढ़ाया गया प्रसाद लंबे समय तक पड़ा रहने से खराब हो सकता है।
खराब भोजन को मंदिर में रखना उचित नहीं है।
प्रसाद को समय पर परिवार के सदस्यों में वितरित करें।
5. गंदे पूजा वस्त्र न रखें
मां की चुनरी, वस्त्र या पूजा में इस्तेमाल होने वाले कपड़े बहुत गंदे हो गए हों तो उन्हें मंदिर में लंबे समय तक न रखें।
स्वच्छता पूजा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
6. बहुत अधिक सामान भरकर मंदिर न रखें
नवरात्रि में उत्साह के कारण लोग मंदिर में बहुत सारी वस्तुएं रख देते हैं।
लेकिन मंदिर को इतना न भरें कि:
- पूजा करने में परेशानी हो
- दीपक रखने की जगह न बचे
- धूप सुरक्षित रूप से न जले
- देवी की तस्वीर ढक जाए
- सफाई करना मुश्किल हो जाए
कम लेकिन साफ और व्यवस्थित पूजा सामग्री रखना अधिक व्यावहारिक है।
7. अखंड ज्योत को असुरक्षित जगह न रखें
अखंड ज्योत को पर्दे, लकड़ी के सामान, कागज, फूलों की सूखी माला या अन्य ज्वलनशील वस्तुओं के बिल्कुल पास न रखें।
यदि घर में अखंड ज्योत रखी गई है तो उसकी निगरानी और अग्नि-सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
8. पूजा स्थान पर अनावश्यक वस्तुएं न रखें
घर का मंदिर पूजा और ध्यान का स्थान है।
इसलिए मंदिर में:
- पुराने बिल
- चाबियां
- दवाइयां
- मोबाइल
- रिमोट
- रोजमर्रा का सामान
- खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान
जैसी चीजें रखने से बचें।
नवरात्रि में घर के मंदिर की सफाई कैसे करें?
नवरात्रि शुरू होने से पहले घर के मंदिर की अच्छी तरह सफाई करें।
पहला चरण — मंदिर खाली करें
सभी पूजा सामग्री को सावधानी से बाहर निकालें।
दूसरा चरण — धूल साफ करें
मंदिर के अंदर और आसपास जमा धूल साफ करें।
तीसरा चरण — मूर्तियों की सफाई
मूर्ति के पदार्थ के अनुसार उचित तरीके से सफाई करें। हर मूर्ति को पानी में भिगोना जरूरी नहीं होता।
चौथा चरण — पुराने फूल हटाएं
सूखे फूल और पुरानी माला हटा दें।
पांचवां चरण — नया आसन लगाएं
मंदिर में साफ कपड़ा या आसन रखें।
छठा चरण — पूजा सामग्री व्यवस्थित करें
दीपक, धूप, अक्षत, रोली, फूल, प्रसाद आदि अलग-अलग व्यवस्थित रखें।
नवरात्रि में घर के मंदिर की दिशा कैसी हो?
घर के मंदिर की दिशा को लेकर अलग-अलग वास्तु और धार्मिक परंपराएं मिलती हैं। इसलिए केवल इंटरनेट पर मिलने वाले किसी एक नियम को अंतिम धार्मिक नियम न मानें।
सबसे महत्वपूर्ण है कि मंदिर:
- साफ हो
- व्यवस्थित हो
- पूजा के लिए सुविधाजनक हो
- सुरक्षित हो
- शांत स्थान पर हो
यदि घर में पहले से मंदिर बना हुआ है और उसमें नियमित पूजा होती है तो केवल नवरात्रि के कारण मंदिर की दिशा बदलना आवश्यक नहीं है।
नवरात्रि में मंदिर में कौन-कौन सी पूजा सामग्री रखें?
आप अपनी पूजा के अनुसार निम्न सामग्री की सूची तैयार कर सकते हैं:
मुख्य सामग्री:
- मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा
- कलश
- नारियल
- लाल कपड़ा
- मौली
- अक्षत
- रोली
- कुमकुम
- हल्दी
- फूल
- माला
- धूप
- दीपक
- घी या तेल
- कपूर
- फल
- प्रसाद
- सुपारी
- सिक्का
- गंगाजल
- पत्ते
- जौ या सप्तधान्य
- पूजा की पुस्तक
इनमें से हर सामग्री हर परिवार के लिए अनिवार्य नहीं है। पूजा अपनी परंपरा, क्षमता और संकल्प के अनुसार की जा सकती है।
नवरात्रि में क्या खरीदना शुभ माना जाता है?
नवरात्रि के दौरान बहुत से लोग पूजा सामग्री और घर के उपयोग की नई वस्तुएं खरीदते हैं।
आप अपनी आवश्यकता के अनुसार खरीद सकते हैं:
- पूजा कलश
- दीपक
- पूजा थाली
- लाल चुनरी
- पूजा आसन
- देवी की तस्वीर
- धूप और दीप सामग्री
- धार्मिक पुस्तक
- जप माला
- पूजा के लिए स्वच्छ वस्त्र
लेकिन केवल धार्मिक भय के कारण अनावश्यक सामान खरीदना जरूरी नहीं है।
भक्ति में दिखावे से अधिक महत्व श्रद्धा, स्वच्छता और अच्छे आचरण का है।
नवरात्रि में घर के मंदिर में कितनी मूर्तियां रखें?
इसका कोई एक सार्वभौमिक नियम नहीं है कि हर घर में केवल इतनी ही मूर्तियां होनी चाहिए।
घर में पहले से स्थापित देवी-देवताओं की पूजा नियमित रूप से की जा सकती है।
नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा करना चाहते हैं तो उनके लिए अलग से साफ स्थान बनाया जा सकता है।
सबसे जरूरी बात यह है कि मंदिर में रखी मूर्तियां और तस्वीरें अखंड, स्वच्छ और सम्मानजनक स्थिति में हों।
क्या नवरात्रि में घर के मंदिर में अखंड ज्योत जरूरी है?
नहीं।
हर व्यक्ति के लिए अखंड ज्योत रखना अनिवार्य नहीं है।
यदि आप अखंड ज्योत रखने में सक्षम हैं और उसकी सुरक्षित देखभाल कर सकते हैं तो श्रद्धा के अनुसार रख सकते हैं।
यदि घर में लगातार निगरानी संभव नहीं है तो सामान्य दीपक जलाकर भी पूजा की जा सकती है।
पूजा का उद्देश्य भक्ति और साधना है, केवल दिखावा नहीं।
क्या नवरात्रि में घर के मंदिर में रोज दीपक जलाना चाहिए?
नवरात्रि में रोज दीपक जलाना कई परिवारों की पूजा परंपरा का हिस्सा है।
आप अपनी श्रद्धा और पारिवारिक परंपरा के अनुसार सुबह और शाम दीपक जला सकते हैं।
दीपक जलाते समय अग्नि सुरक्षा का ध्यान रखना बहुत जरूरी है।
क्या नवरात्रि में घर के मंदिर में दुर्गा सप्तशती रख सकते हैं?
हां, यदि आप दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं तो उसकी पुस्तक को साफ और सम्मानजनक स्थान पर रखा जा सकता है।
लेकिन दुर्गा सप्तशती के पाठ की अपनी विधि और नियम माने जाते हैं। इसलिए संपूर्ण पाठ करने से पहले किसी योग्य आचार्य या अपनी परंपरा के अनुसार विधि समझ लेना अच्छा है।
नवरात्रि में मंदिर के पास क्या नहीं रखना चाहिए?
मंदिर के आसपास ऐसी वस्तुएं न रखें जिनसे पूजा या सुरक्षा में समस्या हो।
विशेष रूप से:
- कूड़ा
- जूते-चप्पल
- गंदे कपड़े
- खराब भोजन
- रसायन
- ज्वलनशील वस्तुएं
- पुराने कागज
- अनावश्यक सामान
न रखें।
नवरात्रि में मंदिर की सबसे जरूरी बात क्या है?
अगर इस पूरे लेख की बात को कुछ शब्दों में समझें तो नवरात्रि में घर के मंदिर के लिए चार बातें सबसे महत्वपूर्ण हैं:
स्वच्छता + श्रद्धा + सात्विकता + सुरक्षा
मंदिर बहुत बड़ा हो, बहुत महंगा हो या उसमें बहुत सारी सामग्री हो—यह जरूरी नहीं है।
एक छोटा और साफ मंदिर भी उतनी ही श्रद्धा का केंद्र बन सकता है।
नवरात्रि में घर के मंदिर के लिए आसान Checklist
नवरात्रि शुरू होने से पहले यह छोटी सी सूची जरूर देख लें:
☐ मंदिर की सफाई कर ली
☐ देवी की तस्वीर/मूर्ति साफ है
☐ कोई मूर्ति खंडित नहीं है
☐ पुराने फूल हटा दिए
☐ पूजा का साफ कपड़ा लगाया
☐ कलश की सामग्री तैयार है
☐ नारियल तैयार है
☐ मौली और अक्षत रख लिए
☐ फूल और प्रसाद की व्यवस्था है
☐ दीपक सुरक्षित स्थान पर है
☐ धूप-कपूर सुरक्षित रखा है
☐ पूजा की पुस्तक तैयार है
☐ अखंड ज्योत रखने पर सुरक्षा की व्यवस्था है
नवरात्रि में मंदिर को सजाने के आसान तरीके
अगर आप घर के मंदिर को नवरात्रि में सुंदर बनाना चाहते हैं तो बहुत ज्यादा खर्च करने की जरूरत नहीं है।
आप:
- लाल या पीले कपड़े का उपयोग कर सकते हैं।
- ताजे फूलों की छोटी माला लगा सकते हैं।
- मिट्टी के दीपक रख सकते हैं।
- देवी के सामने साफ आसन रख सकते हैं।
- प्राकृतिक फूलों से सजावट कर सकते हैं।
- मंदिर के आसपास छोटी सुरक्षित LED लाइट लगा सकते हैं।
सजावट ऐसी रखें जिससे पूजा सामग्री और देवी की तस्वीर स्पष्ट दिखाई दे।
नवरात्रि में पूजा से ज्यादा महत्वपूर्ण है आचरण
नवरात्रि केवल मंदिर सजाने या पूजा सामग्री रखने का पर्व नहीं है।
इन दिनों मां दुर्गा की आराधना के साथ अपने व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए।
क्रोध कम करना, झूठ से बचना, किसी को अपमानित न करना, जरूरतमंद की सहायता करना और सात्विक जीवन जीने का प्रयास करना भी आध्यात्मिक साधना का हिस्सा माना जाता है।
नवरात्रि से संबंधित परंपराओं में शुद्धता, संयम, सदाचार और स्वच्छता पर भी जोर दिया जाता है।
निष्कर्ष
नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखें और क्या न रखें, इसका सबसे सरल उत्तर यही है कि मंदिर में वही सामग्री रखें जो पूजा के लिए आवश्यक, स्वच्छ, सुरक्षित और आपकी परंपरा के अनुरूप हो।
नवरात्रि में मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा, कलश, नारियल, अक्षत, मौली, फूल, दीपक, धूप, प्रसाद और पूजा की आवश्यक सामग्री रखी जा सकती है।
वहीं टूटी हुई मूर्तियां, फटी तस्वीरें, बासी फूल, खराब प्रसाद और अनावश्यक सामान को पूजा स्थान में रखने से बचना चाहिए।
याद रखें—मां दुर्गा की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण चीज दिखावा नहीं, बल्कि श्रद्धा, स्वच्छता, सात्विक विचार और सच्ची भक्ति है।
माता रानी सभी के घर में सुख, शांति, समृद्धि और सकारात्मकता प्रदान करें।
जय माता दी। 🙏
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल — FAQ
प्रश्न 1: नवरात्रि में घर के मंदिर में क्या रखना चाहिए?
उत्तर: मां दुर्गा की तस्वीर या प्रतिमा, कलश, नारियल, मौली, अक्षत, फूल, दीपक, धूप और प्रसाद जैसी पूजा सामग्री अपनी परंपरा के अनुसार रख सकते हैं।
प्रश्न 2: क्या नवरात्रि में अखंड ज्योत रखना जरूरी है?
उत्तर: नहीं, अखंड ज्योत रखना सभी के लिए अनिवार्य नहीं है। यदि रखें तो उसकी सुरक्षा और उचित देखभाल का ध्यान रखें।
प्रश्न 3: क्या नवरात्रि में घर के मंदिर में नारियल रख सकते हैं?
उत्तर: हां। कलश स्थापना में नारियल रखने की पारंपरिक विधि प्रचलित है।
प्रश्न 4: क्या मंदिर में टूटी हुई मूर्ति रख सकते हैं?
उत्तर: खंडित मूर्ति को सामान्य पूजा की मूर्ति के रूप में स्थापित करके रखना उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में अपनी परंपरा के अनुसार उचित विधि पूछें।
प्रश्न 5: नवरात्रि में मंदिर की सफाई कितनी बार करनी चाहिए?
उत्तर: मंदिर को रोज साफ और व्यवस्थित रखना अच्छा है। विशेष रूप से फूल, प्रसाद और दीपक के आसपास की सफाई पर ध्यान दें।
प्रश्न 6: क्या नवरात्रि में घर के मंदिर में नई मूर्ति रखना जरूरी है?
उत्तर: नहीं। यदि आपके घर में पहले से मां दुर्गा की अखंड और पूजित मूर्ति या तस्वीर है तो उसी की पूजा की जा सकती है।
प्रश्न 7: नवरात्रि में जौ क्यों बोए जाते हैं?
उत्तर: घटस्थापना की परंपरा में मिट्टी और बीजों का प्रयोग किया जाता है तथा नवरात्रि के दौरान उगने वाले जौ को शुभ प्रतीक के रूप में देखा जाता है।
प्रश्न 8: नवरात्रि में मंदिर में कितनी मूर्तियां रखनी चाहिए?
उत्तर: इसके लिए एक ही सार्वभौमिक संख्या नहीं है। अपनी पारिवारिक परंपरा और मंदिर की जगह के अनुसार देवी-देवताओं की पूजा करें।

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