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Showing posts from March, 2022

Durga Saptshati Paath kese karein In Hindi -दुर्गा सप्तशती का पाठ हिंदी में

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 दुर्गा सप्तशती का पाठ हिंदी में  दुर्गा सप्तशती का पाठ हिंदी में  Play  & Listen Durga Saptshati Ka Paath  नवरात्री में मैया का दुर्गा  सप्तशती का पाठ हिंदी में सुनिए  ⬆ Play Durga Saptshati Paath In Hindi  ⬆ दुर्गा सप्तशती का पाठ क्या है  दुर्गा सप्तशती पाठ वैदिक संस्कृति का परम पावन ग्रन्थ हैं।  इसमें जगत जननी जगदम्बा महात्मय के साथ साथ अलोकिक गूढ साधन सहित रहस्यों का भी सुखद वर्णनं हैं।  दुर्गा सप्तशती का पाठ करने से क्या फायदा होता है  व्यक्ति दुर्गा सप्तशती  पाठ की आराधना  करके दुर्लभ से दुर्लभ वास्तु को भी प्राप्त करसकता है। दुर्गा सप्तशती का पाठ मोक्षप्रदायनी भी है।   दुर्गा सप्तशती में कितने मन्त्र हैं  दुर्गा सप्तशती में उवाच , अर्ध , त्रिपान एवं श्लोक मिलाकर 700 मन्त्र हैं।  ये वैदिक विधि द्वारा संसोधित परम पवित्र होने के कारण तुरंत फल दायक है  दुर्गा सप्तशती पाठ करने की विधि  सुबह जल्दी उठकर स्नान करें , उसके बाद किसी पवित्र स्थान पर वहां पर पवित्र आसान विछाकर साथ मे...

Navratri Ki Nau Deviyan Kaun Kaun Si Hai-नवरात्री की नौ देवियां कौन कौन सी है

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 नवरात्री की नौ देवियां कौन कौन  सी है जानिये  नवरात्री की नौ देवियां कौन कौन  सी है सभी प्रभु के भक्तों को जय श्री कृष्णा राधे राधे एवं जय माता दी  नवरात्री के पर्व को सभी बड़े ही आस्था के साथ मनाते हैं , इस नवरात्री में नौ दिन नौ देवियों की पूजा की जाती है।  इन नौ देवियों की उत्त्पत्ति इस संसार में किस प्रकार से हुई ये बहुत ही कम लोगों को जानकारी है ,भगवत कृपा से आज हम आपको यही बताने जा रहे हैं की ये नौ दुर्गा या नौ देवियां कौन कौन सी हैं और उनकी उत्त्पत्ति इस संसार में किस प्रकार से हुई।  सबसे पहली देवी को माँ शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है ,सबसे प्रथम हम  माँ शैलपुत्री को बारम्बार  प्रणाम करते हैं , माँ शैलपुत्री  शैल का अर्थ होता है शिखर यानी पर्वत , पर्वतो के राजा हिमालय के यहाँ इनका जन्म होने के कारण ही इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। इनको बृषारूढ़ा के नाम से भी जाना जाता है क्यूंकि इनका बाहन बृषभ है इनके दाएं हाथ में त्रिशुल एवं बाएं हाथ में कमल सुशोभित है , इनको सती  के नाम से भी जाना जाता है ,गाय पर सवार माँ शैलपुत्री  च...

navratri Ka Vrat Evam Pooja Kese Karein-नवरात्री का व्रत एवं पूजा कैसे करें

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 नवरात्री का व्रत एवं पूजा कैसे करें  नवरात्री का व्रत एवं पूजा कैसे करें  सभी प्रभु के भक्तों को जय श्री कृष्णा राधे राधे एवं जय माता दी  नवरात्री का पर्व जो की बहुत ही आस्था का पर्व है , इस नवरात्री में या इस नवदुर्गा में जोभी व्यक्ति भाव से मन से माता की दुर्गा माता की पूजा करता है उसे मनवांछित फल अवश्य प्राप्त होता है।  नवरात्री पर्व चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर राम नवमी तक मनाया जाता है धार्मिक मान्यताओं के अनुसार , इन दिनों जो भी व्यक्ति व्रत रखता है , उसपर माँ अपनी कृपा करती है।  तो आईये जानते हैं नवरात्री के व्रत करने की एवं पूजा करने की क्या विधि है और उस किस तरह से करते हैं।  नवरात्री के लिए जो पूजा सामिग्री की जरुरत पड़ती है पहले उसका जिक्र कर लेते हैं.  नवरात्री की पूजा के लिए आवश्यक वस्तुएं  1 . माँ दुर्गा की फोटो या मिटटी की प्रतिमा हो  2. माँ को चढाने के लिए लाल चुनरी  3 .एक कलश  4 मुख्य द्वार के लिए आम की पत्तियां  5. चावल  6. आसान बैठने के लिए  7 .माता पर चढाने के लिए सिंन्दूर...

नवरात्री मैया के भजन - navratri maiya ke languriya bhajan

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 नवरात्री मैया के भजन चलके लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में  नवरात्री मैया के भजन Play  & Listen Navratri Maiya Ke  Bhajan Video Song नवरात्री मैया  के सुन्दर सुन्दर अच्छे वाले लांगुरिया के भजन सुनिए  ⬆ Play  Navratri Maiya Ka  Bhajan  Song⬆ जय मैया की बोलो जय मैया की  जय मैया की बोलो जय मैया की  चलकेँ लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में चलकेँ लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में    मैया के भवन में मैया के भवन में  मैया के भवन में मैया के भवन में  चलकेँ लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में  चलकेँ लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में  जोगन संग में  लांगुर नाचें  जोगन संग में लांगुर नाचें  लांगुर नाचें  लांगुर नाचें  लांगुर नाचें  लांगुर नाचें  जोगन संग में  लांगुर नाचें  जोगन संग में लांगुर नाचें  चरणों में मस्तक नवाएंगे मैया के भवन में  चलकेँ लांगुरिया गाएंगे मैया के भवन में हम तुम चलें करोली सजनी  हम तुम चलें करोली सजनी  करोली सजनी करोली ...

श्री मातंगी देवी कवच पाठ का हिंदी में अर्थ एवं फायदे - Shri Matangi Devi kavach lyrics with meaning and benifit in hindi

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  श्री मातंगी देवी कवच के पाठ  हिंदी में  श्री मातंगी देवी  कवच Play Matangi Devi kavach     Paath श्री  श्री मातंगी देवी कवच  का पाठ सुनें                                              ⬆ Play Matangi Devi Kavach Mantra ⬆ सभी प्रकार की धार्मिक वस्तुएं उचित मूल्य पर खरीदें  श्री  मातंगी देवी कवच  के  पाठ का  हिंदी में अर्थ - Shri Matangi Devi Kavach   lyrics with meaning in hindi. श्री देव्युवाच साधु-साधु महादेव। कथयस्व सुरेश्वर। मातंगी-कवचं दिव्यं, सर्व-सिद्धि-करं नृणाम् ॥ अर्थ:  श्री-देवी ने कहा – हे महादेव। हे सुरेश्वर। मनुष्यों को सर्व-सिद्धि-प्रददिव्य मातंगी-कवच अति उत्तम है, उस कवच को मुझसे कहिए। श्री ईश्वर उवाच श्रृणु देवि। प्रवक्ष्यामि, मातंगी-कवचं शुभं। गोपनीयं महा-देवि। मौनी जापं समाचरेत् ॥ अर्थ:   ईश्वर ने कहा – हे देवि। उत्तम मातंगी-कवच कहता हूँ, सुनो। हे महा-देवि।...