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Showing posts from August, 2020

हाथ पर कलावा क्यों बांधतेहैं

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हाथ पर कलावा बांधने से क्या फायदा होता है          हाथ पर कलावा क्यों बांधतेहैं  बंधुवर कलावा को हमारे यहां पर सूत्र कहा जाता है , और इसका उपयोग भगवान के पूजन में किया जाता है ,इनका तीन तरह से प्रयोग होता है पहला भगवन के पूजन के समय , भगवान के  पूजन का क्रम ठीक उसी प्रकार से है जिस प्रकार हम हमारे जीवन यापन करते हैं, जिस प्रकार हम हमारे शरीर के साथ व्यवहार करते हैं , भगवान के  पूजन के क्रम में सर्वप्रथम भगवान को 5 बार जल प्रदान करने का क्रम प्राप्त होता है पहला पैर धोने के लिए  दूसरा हस्त करने के लिए तीसरा स्नान के लिए और चौथा स्नान के बाद पुनः आचमन की भावना से ! नहाने के बाद व्यक्ति सबसे पहले क्या करता है वस्त्र पहनता  हैं , हमारे यहां पर दो प्रकार के कपड़े को बांटा गया है जो नीचे से पहना जाए वह वस्त्र  जो ऊपर से ओड़ा   जाए वह उपवस्त्र ,  भगवान को वस्त्र व उपवस्त्र के लिए कलावा प्रदान किया जाता है,   सूत्र के विषय में धर्म शास्त्र का कहना है भगवान को उप  वस्त्र के लिए आठ  आंगुल...

अखबार में दी हुई राशियां हर किसी के लिए एक समान कार्य क्यों नहीं करते हैं

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 अखबार में दी हुई राशियां हर किसी के लिए एक समान कार्य क्यों नहीं करते हैं         बंधुवर,हम और आप अपनी आस्थाओं के कारण ज्योतिष की ओर अग्रेषित होते हैं और हम और आप देखते हैं कि प्रत्येक टीवी चैनल, अखबार, पत्रिका, समाचार पत्र इत्यादि सभी में विभिन्न प्रकार से राशिफल दिए जाते हैं हम और आप एक बात  से बहुत ही भर्मित  होते हैं कि किसी अखबार, समाचार पत्र में जो सार्वजनिक रूप में राशिफल दिया जाता है उस राशिफल को किस प्रकार से देखें जब हम राशिफल देखते है तो कुछ कोष्ठक में तारीख दी होती हैं इस महीने   से लेकर के इस महीने  तक जन्म वाले व्यक्ति इस  राशि को देखें और वह दिन  सामान्यता 30, 31 दिन होते हैं जैसे  तुला राशि वालों के लिए 22 अक्टूबर से 21 नवंबर मेष राशि वालों के लिए 21 मार्च से 21 अप्रैल तक ऐसे 1 महीने की तारीख दी जाती हैं, इसके अलावा  एक राशि होती है जिस नाम से हम को पुकारा जाता है जैसे मेरा नाम राकेश  है तो  मेरी राशि तुला , अब मान लीजिये मेरा जन्म 27 अप्रैल का है तो अखबार के  राश...

Sury Ko Jal Dene Ke Fayde - सूर्य को जल चढाने से क्या फायदा होता है

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 सूर्य को जल चढाने से क्या फायदा होता है  सूर्य को जल देने के फायदे  सूर्य को जल क्यों देते हैं     प्रिय आत्मीय जन, हमारे आपके धार्मिक क्रियाकलापों में एक क्रियाकलाप मनुष्य के नेतृत्व में वर्णन नित्यक्रम जो रोजाना किए जाने वाला कार्य हमारे आपके संस्कार में एक निश्चित क्रम है भगवान सूर्य के लिए अर्घ प्रदान करना,  सूर्य को हमारे यहां पर प्रत्यक्ष देवता कहा गया है सूर्य इस संसार की आत्मा है, यह एक वैज्ञानिक सत्य है कि सृष्टि का निर्माण सूर्य के तेज़ के कारण हुआ है जीव की उत्पत्ति तेज़ से होती है अग्नि के द्वारा जीव की उत्पत्ति होती है.  देखिए यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई तो उसका शरीर यदि हिमाचल पर्वत पर बर्फ के नीचे दबा रहे तो सालों बीत जाने पर  अगर उस व्यक्ति के शरीर को निकाला जाए तो उसमें कोई अन्य जीव की उत्पत्ति नहीं होती वह शरीर हमें तरोताजा प्राप्त होता है , यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाए उसका शरीर को अंतिम संस्कार ना हो और वह ऐसे ही खुले में पड़ा रहे तो वह सड़ जाता है उसमें कीड़े की उत्पत्ति हो जाती है ,कीड़ों के जीव की उ...

भारतीय संस्कृति के अनुसार सोने अथवा उठने का सही समय क्या है

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भारतीय संस्कृति  के अनुसार सोने अथवा उठने  का सही समय क्या है Sone Ka Sahi Time Kya Hai   बंधुवर निद्रा  मानव जीवन का आवश्यक अंग है बिना निंद्रा ग्रहण किए हमारा शरीर कार्य करने के लिए सक्षम नहीं होता सोने के बाद जब हम उठते हैं तो हमें ताजगी की प्राप्त होती है और हमारा शरीर पुनःकार्य करने की शक्ति को प्राप्त करके और हम हमारे  जीवन में अपने क्रियाकलाप को  यथा वृत्ति करने में सार्थक होते हैं  परंतु एक प्रश्न है कि उठने का समय क्या  निंद्रा का समय क्या, नींद कितनी देर कि. आज के समय में  इन स्थिति में परिवर्तन है क्योंकि  नींद के विषय में कहा है जितनी देर  मैं शरीर की थकान निकल जाए और हम  पुनःश्रम के लिए तत्पर हो जाए हमारे शरीर को  स्फूर्ति की प्राप्ति हो जाए  उतने समय तक सोना चाहिए और बिना थकान उतरे जबरदस्ती नहीं उठना चाहिए जिससे शरीर को हानि होती है सोने और उठने का सही समय क्या   रात्रि में प्रथम पहर बीतने के बाद  निंद्रा ग्रहण कर लेना और सूर्य अस्त होने के 3 घंटे बाद सो जा...

क्यों सारे व्रत और त्यौहार अब दो दिन होने लगे हैं -इस बार भी जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी ऐसा क्यों ?

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क्यों सारे त्यौहार अब दो दिन होने लगे हैं  इस बार भी जन्माष्टमी दो दिन मनाई जाएगी ऐसा क्यों ? Vrat Evam Tyohaar जय श्री कृष्णा , वर्तमान समय में धार्मिक आस्था युक्त मनुष्य के लिए सबसे बड़ी भ्रम की  स्थिति व्रत और त्योहार का 2 दिन होना है । और इसमें सामान्य मनुष्य को अब वर्तमान समय में व्रत और त्योहार के निर्धारक तत्व की सामान्य जानकारी नहीं है ,और ना ही उनकी समझ में आता है कि व्रत और त्योहार 2 दिन क्यों मनाए जाते हैं। बंधुओं इस विषय में सबसे पहले जो ध्यान करने की बात है, यह है की यदि व्रत और त्योहार 2 दिन मनाए जाते हैं तो उससे सबसे ज्यादा हानि किसको होती है, व्रत और त्योहार मनाने  वाले को अथवा धर्म को ,इसका निश्चित जवाब  धर्म है, तो वास्तविक रूप में सही क्या है हम व्रत आज करें अथवा कल करें।  इस विषय में जैसा मेरा धर्म के विषय में ज्ञान है आपको बताऊं कि पूरे भारत की 130 करोड़ व्यक्तियों में से यदि उंगलियों में से गिने जाने वाले कुछ चंद व्यक्ति अपने अहंकार को एक तरफ रख दें और  धर्म शास्त्र कि  आज्ञा का पालन माने तो इ...