Purnima Vrat Ka Mahatva: पूर्णिमा व्रत का महत्व, नियम और लाभ
पौर्णिमा व्रत का महत्व | Purnima Vrat Ka Mahatva in Hindi हिंदू धर्म में पौर्णिमा व्रत का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना गया है। प्रत्येक महीने आने वाली पूर्णिमा तिथि को चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से पूर्ण होता है, इसलिए इस दिन किए गए व्रत, दान और पूजा का फल कई गुना बढ़ जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा व्रत करने से मन, शरीर और आत्मा तीनों की शुद्धि होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। पौर्णिमा व्रत क्या है? पूर्ण चंद्रमा वाली तिथि को पौर्णिमा कहा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, चंद्र देव तथा सत्यनारायण भगवान को समर्पित मानी जाती है। इसी कारण इसे कई नामों से भी जाना जाता है— सत्यनारायण पूर्णिमा लक्ष्मी पूर्णिमा गुरु पूर्णिमा शरद पूर्णिमा कार्तिक पूर्णिमा हर पूर्णिमा का अपना अलग धार्मिक महत्व होता है। पौर्णिमा व्रत का धार्मिक महत्व पौर्णिमा व्रत का उल्लेख कई पौराणिक ग्रंथों में मिलता है— विष्णु पुराण पद्म पुराण स्कंद पुराण मान्यता है कि— “पूर्णिमा के दिन किया गया दान, जप और व्रत जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश करता है।” इ...