झूलन उत्सव 2025: भगवान श्री कृष्ण की राधा के साथ झूलने की पावन परंपरा
झूलन उत्सव क्या है? जानिए इसका महत्व और पूजा विधि झूलन उत्सव 2025: भगवान श्री कृष्ण की राधा के साथ झूलने की पावन परंपरा वृंदावन में झूला कैसे सजाया जाता है? झूलन उत्सव का इतिहास, महत्व और वृंदावन में इस त्योहार को कैसे मनाया जाता है। जानिए झूला सजाने की पारंपरिक विधि, फूलों और रंगीन वस्त्रों से सजावट, भक्तिमय कार्यक्रम और इस अद्भुत उत्सव से जुड़ी सांस्कृतिक खासियतें। झूलन उत्सव का परिचय और इतिहास झूलन उत्सव, जिसे झूला उत्सव या झूला पूजा भी कहा जाता है, भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी की प्रेममयी लीलाओं को याद करने का एक बेहद महत्वपूर्ण पर्व है। यह उत्सव भाद्रपद मास की पूर्णिमा (अगस्त-सितंबर) को मनाया जाता है। इस दिन भक्त भगवान कृष्ण को फूलों और रंगीन वस्त्रों से सजा कर झूले में विराजित करते हैं और बड़े प्रेम से उन्हें झूलाते हैं। झूलन उत्सव का वर्णन कई धार्मिक ग्रंथों में मिलता है, जहां कहा गया है कि राधा-कृष्ण अपने प्रेम के रंग में झूले पर झूलते थे। यह उत्सव प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जो भक्तों के मन में आध्यात्मिक आनंद और शांति का संचार करता है। वृंदावन में झूलन उत्...